बहन से क्या वादा करूँ?

कुछ तो बात है इस धागे में,
इस रिश्ते में,
इससे जुड़े हर वादे में,
पर बहन से आज क्या वादा करूँ?
कि मैं उसकी रक्षा करूँगा?
उसकी सब मुश्किलें सुलझाऊंगा?
जबकि मैं ही उसके पास जाता हूँ हर बार,
अपनी मुश्किलों को सुलझाने के लिए,
वादा करूँ कि उसे तंग नहीं करूँगा?
जबकि बहुत मज़ा आता है उसे सताने में,
और फिर उसे मनाने में,
मना के एक बार फिर उसे और ज़्यादा चिढ़ाने में,
या कहूँ कि उसका हर दुःख बाटूंगा,
जबकि मैं जब उदास होता हूँ,
तो वो ही देती है मुझे एक मुस्कान,
उसको अपने दिल कि हर बात बता कर
हल्का सा महसूस करता हूँ मैं हर बार,
या कहूँ उससे कि दुःख हो या सुख
मैं हमेशा हूँ उसके साथ?
पर ये भी कोई कहने की बात है?
ये तो यूँ हुआ कि कह रहे हों आप,
कि वादा करो कि साँस लेते रहोगे जीने के लिए,
फिर सोचता हूँ कि कोई वादा नहीं
तो बहन को कुछ उपहार तो दूं,
पर क्या लूं, क्या ना लूं,
इतना सोचा नहीं जाता मुझसे,
कोई तोहफा अच्छा नहीं लगता,
Archie’s के कार्ड्स में भी जो शब्द लिखे हैं,
सब खोखले से लगते हैं,
जैसे किसी भाई ने नहीं, किसी कामगार ने लिखे हों,
फिर सोचता हूँ कि कुछ देना उसे
जैसे इस धागे की कीमत लगाना,
मुझे अच्छा नहीं लगता,
ये सोच कर मैंने कुछ नहीं खरीदा,
पर जानता हूँ मैं कि
वो लड़ेगी मुझसे और रूठ जायेगी,
फिर मैं उसे मनाऊंगा और पूछूँगा,
कि क्या चाहिए तुम्हे,
और वो कहेगी,
कि संतरे कि टॉफियां चाहियें,
वही जो स्टेशन पर मिलती हैं,
जाओ कहीं से भी ले कर आओ,
नहीं तो बात नहीं करुँगी तुमसे,
और वो जेब से निकाल कर उसे दूंगा,
और कहूँगा,
कि तू पागल है पागल…

‘आपकामित्र’ गुरनाम सिंह सोढी
२ अगस्त, २०१२

dedicated to my sister (उनका ब्लॉग)

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8 thoughts on “बहन से क्या वादा करूँ?

  1. Anonymous says:

    Marvelous piece of writing. I always enjoy reading your work. Keep up!!Best Regards,Tanmay

  2. Deepali says:

    No comparison… This one is beautiful and touching. Good Work GS2. Keep it up.

  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!श्रावणी पर्व और रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

  4. धन्यवाद 🙂

  5. सदा says:

    कुछ तो बात है इस धागे में,इस रिश्ते में,कुछ तो नहीं बहुत कुछ है यह धागा एक विश्‍वास है … स्‍नेह है … भावनाओं का प्रतीक जैसे मन्‍नतों का तावीज़तभी तो इतना कुछ कह डाला भाई ने बहन से बहुत ही अच्‍छी लगी यह भावमय करती प्रस्‍तुति .. आभार

  6. भावनाओं को समझने के लिए धन्यवाद सदा जी. 🙂

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